ब्रेन ट्यूमर होने की उम्र क्या है?HealthPlanet

Posted on Thu 2nd Mar 2023 : 09:02

20 साल से कम उम्र के लोगों को भी हो सकता है ब्रेन ट्यूमर, जानिए कारण, लक्षण और उपचार

खराब लाइफस्टाइल और स्ट्रेस का नतीजा काफी नुकसानदायक होता है। लेकिन इससे ब्रेन ट्यूमर के खतरे को भी नकारा नहीं जा सकता। इससे बचने के लिए इसके लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

ब्रेन ट्यूमर एक बेहद खतरनाक बीमारी है। जो किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। फिर वो चाहे बच्चा हो, किशोर हो या फिर कोई वृद्ध। देखा जाए तो हाल ही में लगभग 20 साल से कम की उम्र के मरीजों में करीब 13 फीसदी मामलों का पता चला। वहीं बात करें 20 से 34 साल के मरीजों की तो, उनमें लगभग 9 फीसदी तक निदान किया गया था। ब्रेन ट्यूमर कोई छोटी बीमारी नहीं है। जिसे नजरअंदाज कर दिया जाए। इसलिए इससे जुड़े इसके शुरूआती लक्षणों को भी जानने की बेहद जरूरत है। ताकि घर-परिवार या किसी अपने को इससे बचाया जा सके।
ब्रेन ट्यूमर के लक्षण - Brain Tumor Symptoms in Teens

ब्रेन ट्यूमर की समस्या किसी भी उम्र में लोग झेल सकते हैं। ज्यादातर मामलों में इसका पता तभी चल पाता है, जब काफी देर हो चुकी होती है। ऐसा इसलिए भी होता है, क्योंकि हम ब्रेन ट्यूमर से जुड़े लक्षणों को नहीं पहचान पाते। तो चलिए अब जान लेते हैं, इसके कुछ आम लक्षण।

बार-बार या लगातार सिर में तेज दर्द होना।
सांस फूलना और थकान महसूस होना।
देखने में समस्या होना।
कमजोरी महसूस होने के साथ हाथ पैर में झनझनाहट होना।

क्यों खतरनाक है ब्रेन ट्यूमर - Why is Brain Tumor Dangerous?
बात ब्रेन ट्यूमर की बात करें तो, इससे शरीर के विकास में काफी मुश्किल होती है। क्योंकि ब्रेन ट्यूमर पिट्यूटरी ग्रंथि को काफी प्रभावित करता है। जिसका परिणाम ये होता है कि, शरीर अंदर से टूटने लगता है। महिलाओं में हार्मोन्स की समस्या बढ़ने के साथ पीरियड्स, सेक्स में थकान, शरीर के साथ चेहरे में अनचाहे बाल, बालों के झड़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि ऐसा जरूरी नहीं है कि, ये सभी लक्षण ब्रेन ट्यूमर के ही हों, और कई मामलों में तो ये कम जानलेवा होते हैं। लेकिन इस मामले में लापरवाही बरतना बिलकुल भी सही नहीं है। आपको तुरंत किसी स्पेशलिस्ट से सलाह लेने की जरूरत है।

ब्रेन ट्यूमर का इलाज - Brain Tumor Treatments
ब्रेन ट्यूमर का उपचार विभिन्न विधियों द्वारा किया जाता है। रेडियो सर्जरी, रेडियेशन थेरेपी, कीमोथेरेपी के अलावा कंप्यूटर बेस्ड स्टीरियोटौक्सी एवं रोबेटिक सर्जरी जैसी नई तकनीकों के कारण यह बहुत ही, सुरक्षित एवं काफी हद तक पीड़ा से मुक्त होता है। हालांकि, ट्यूमर को ऑपरेशन के जरिए हटाया जा सकता है, तो सबसे पहले उपचार में इसी विधि को अपनाया जाता है। यह सर्जरी इंडोस्कोपिक प्रक्रिया से की जाती है या फिर स्टीरिओटेक्सी से बायोप्सी की जा सकती है।

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